खीरा उगाएँ: स्मार्ट पोषण संबंधी सुझावों के साथ
खीरा फसल में छिड़काव से जुड़ी विशेष चुनौतियाँ १. भूमि पर फैलने वाली बेलें: हाथ से छिड़काव असमान होता है तथा अधिक श्रमसाध्य होता है। २. कीट एवं रोगों का अधिक प्रकोप: लाल मकड़ी (रेड स्पाइडर माइट), माहू (एफिड), पाउडरी मिल्ड्यू एवं डाउनy मिल्ड्यू के कारण बार-बार छिड़काव आवश्यक होता है। ३. पर्णीय पोषक तत्वों का बार-बार छिड़काव आवश्यक: फल की गुणवत्ता के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व, पोटैशियम एवं वृद्धि नियामक जरूरी होते हैं। ४. पानी के प्रति संवेदनशील फसल: अधिक मात्रा में पानी से छिड़काव करने पर फूलों एवं छोटे फलों को नुकसान हो सकता है। खीरा फसल की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था : फूल आने → फल सेट होने तक की अवस्था खीरा फसल के लिए आवश्यक प्रमुख पोषक तत्व एवं सूक्ष्म पोषक तत्व : पोटैशियम, कैल्शियम एवं बोरॉन
खीरा में पोटैशियम, कैल्शियम एवं बोरॉन क्यों आवश्यक हैं? १. फल की लंबाई, मोटाई एवं वजन में वृद्धि करते हैं २. स्वाद एवं एकसमान हरे रंग में सुधार करते हैं ३. फूल एवं फल गिरने की समस्या को कम करते हैं ४. बेल की मजबूती एवं तनाव सहनशीलता बढ़ाते हैं ५. भंडारण अवधि एवं परिवहन गुणवत्ता में सुधार करते हैं खीरा छिड़काव में कृषि ड्रोन कैसे सहायक हैं? १. फैली हुई बेलों पर समान एवं प्रभावी छिड़काव २. ड्रोन की डाउनड्राफ्ट से पत्तियों एवं फूलों के नोड्स तक बेहतर पहुँच ३. पौधों एवं फलों को किसी प्रकार की शारीरिक क्षति नहीं होती ४. 60–70% तक श्रम लागत की बचत ५. 80–90% तक पानी की बचत
फसल की अवस्था – प्रमुख पोषक तत्व
१. अंकुरण / पौध अवस्था :फॉस्फोरस, नाइट्रोजन, कैल्शियम, जिंक
२. बेल वृद्धि अवस्था : नाइट्रोजन, पोटैशियम, मैग्नीशियम , आयरन / लोह तत्व, जिंक , मैंगनीज़
३. फूल कली प्रारंभ अवस्था:फॉस्फोरस, पोटैशियम, बोरॉन, जिंक
४. फूल और फल लगने की अवस्था :पोटैशियम, कैल्शियम, बोरॉन, जिंक
५. फल विकास / आकार बढ़ने की अवस्था : पोटैशियम , मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन / लोह तत्व
६. फल परिपक्वता / सतत कटाई अवस्था : पोटैशियम, कैल्शियम