चना उगाएँ: स्मार्ट पोषण संबंधी सुझावों के साथ
सटीक पौध पोषण द्वारा चने की अधिक उपज और समान दाना गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
चना फसल में छिड़काव से जुड़ी प्रमुख समस्याएँ
१. छोटा पौधा व घनी शाखाएँ: हाथ से छिड़काव में घोल अक्सर भीतर तक नहीं पहुँच पाता।
२. अधिक कीट प्रकोप: फली छेदक (हेलिकोवर्पा), माहू (एफिड्स) के लिए समय पर और सटीक छिड़काव आवश्यक।
३. ठंडे मौसम में रोग दबाव: विल्म्ट और असकोसाइटा ब्लाइट जैसी बीमारियों से बचाव के लिए निवारक छिड़काव जरूरी।
चना फसल की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था : फूल आने → फली बनने की अवस्था
चना फसल के लिए सर्वाधिक आवश्यक पोषक तत्व व सूक्ष्म पोषक तत्व : फॉस्फोरस, बोरॉन
चना के लिए फॉस्फोरस और बोरॉन क्यों अत्यंत आवश्यक हैं
१. प्रोटीन संश्लेषण (Protein Synthesis) में सहायक।
२. फूल और फली गिरने की समस्या को कम करते हैं।
३. शीघ्र और समान रूप से फूल आने को प्रोत्साहित करते हैं।
४. फली बनने और उपज में सुधार करते हैं।
चना छिड़काव में कृषि ड्रोन की भूमिका
१. घनी फसल में समान और प्रभावी छिड़काव।
२. ड्रोन के डाउनवाश प्रभाव से बेहतर पहुँच।
३. खेत में प्रवेश न होने से फसल को कोई नुकसान नहीं।
४. श्रम लागत में ६०–७०% तक की बचत।
५. पानी की खपत में ८०–९०% तक की कमी।
फसल की अवस्था – प्रमुख पोषक तत्व
१. पौध अवस्था :नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, जिंक, मोलिब्डेनम
२. वानस्पतिक वृद्धि अवस्था :फॉस्फोरस, पोटैशियम , सल्फर, आयरन / लोह तत्व
३. कली प्रारंभ अवस्था :फॉस्फोरस, पोटैशियम, बोरॉन, जिंक
४. फूल आने की अवस्था : ⭐पोटैशियम, सल्फर, बोरॉन, जिंक
५. फली बनने की अवस्था : ⭐पोटैशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, बोरॉन
६. दाना भरने की अवस्था: पोटैशियम , मैग्नीशियम, सल्फर
पीछे