धान (चावल) उगाएँ: स्मार्ट पोषण संबंधी सुझावों के साथ
सटीक पौध पोषण द्वारा धान की अधिक उपज और समान दाना गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
धान फसल में छिड़काव से जुड़ी प्रमुख समस्याएँ
१. पानी भरे खेत:खड़े पानी में हाथ से या ट्रैक्टर द्वारा छिड़काव करना कठिन एवं असुरक्षित होता है।
२. नरम मिट्टी की स्थिति:ट्रैक्टर प्रवेश से खेत में गड्ढे बनते हैं, जिससे पौधों को नुकसान होता है।
३. कीट एवं रोगों का अधिक प्रकोप:भूरा फुदका, तना छेदक, पत्ती लपेटक, ब्लास्ट एवं शीथ ब्लाइट जैसे रोग–कीट समय पर छिड़काव की माँग करते हैं।
४. पीक सीजन में मजदूरों की कमी:रोपाई और छिड़काव की अवधि एक साथ होने से श्रमिक उपलब्ध नहीं हो पाते।
धान की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था : पैनिकल इनिशिएशन अवस्था
धान के लिए आवश्यक प्रमुख पोषक तत्व और सूक्ष्म पोषक तत्व : नाइट्रोजन, जिंक
धान में नाइट्रोजन एवं जिंक क्यों हैं अत्यंत आवश्यक?
१. अंकुर स्थापना में सहायक
२. कल्लों की संख्या बढ़ाने में मदद
३. एंजाइम एवं वृद्धि हार्मोन को सक्रिय करता है
४. नाइट्रोजन उपयोग दक्षता को बढ़ाता है
धान में कृषि ड्रोन से छिड़काव के लाभ
खेत में प्रवेश की आवश्यकता नहीं – पानी भरे खेतों के लिए आदर्श
१. पानी भरे हुए फसल के खेत में प्रवेश किए बिना प्रभावी छिड़काव।
२. बड़े धान क्षेत्रों में समान एवं सटीक छिड़काव
३. ७०–८०% तक श्रम लागत की बचत
४. ८५–९०% तक पानी की बचत
फसल की अवस्था – प्रमुख पोषक तत्व
पौध अवस्था : नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, सल्फर, जिंक
१. प्रारंभिक कल्ले निकलने की अवस्था: नाइट्रोजन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, जिंक
२. अधिकतम कल्ले निकलने की अवस्था:नाइट्रोजन, पोटैशियम, सल्फर
३. बाल/पैनिकल प्रारंभ अवस्था : ⭐नाइट्रोजन, पोटैशियम, जिंक, बोरॉन
४. फूल आने की अवस्था : नाइट्रोजन, पोटैशियम, मैग्नीशियम
५. दाना भरने की अवस्था: पोटैशियम, नाइट्रोजन, मैग्नीशियम
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