गन्ना उगाएँ: स्मार्ट पोषण संबंधी सुझावों के साथ
गन्ना फसल में छिड़काव से जुड़ी प्रमुख समस्याएँ १.अत्यधिक ऊँचाई (10–14 फीट): 60–70 DAS के बाद हाथ से या ट्रैक्टर द्वारा छिड़काव करना लगभग असंभव हो जाता है। २. घना कैनोपी व संकरी कतारें: दवा का पत्तियों के अंदर तक प्रवेश नहीं हो पाता, जिससे कीट-रोग नियंत्रण प्रभावी नहीं रहता। ३. लंबी फसल अवधि (10–12 माह): बार-बार छिड़काव से श्रम व संचालन लागत बढ़ जाती है। ४. अधिक नमी व आर्द्रता: लाल सड़ांध (Red Rot), लीफ स्काल्ड व स्मट जैसे रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है। गन्ना फसल की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था : कल्ला फूटना से तना बढ़ाव अवस्था गन्ना फसल के लिए सर्वाधिक आवश्यक पोषक तत्व व सूक्ष्म पोषक तत्व : नाइट्रोजन, जिंक
गन्ना के लिए नाइट्रोजन व जिंक क्यों अत्यंत आवश्यक हैं १. तेज़ शाकीय वृद्धि व अधिक टिलरिंग को प्रोत्साहित करते हैं। २. गन्ने की संख्या तथा गन्ने की लंबाई निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ३. एंजाइम सक्रियण व वृद्धि हार्मोन के लिए आवश्यक होते हैं। ४. टिलरिंग और इंटरनोड (गाँठों के बीच का भाग) की लंबाई बढ़ाने में सहायक होते हैं। गन्ना छिड़काव में कृषि ड्रोन की भूमिका १. ऊँची फसल में खेत में प्रवेश किए बिना प्रभावी छिड़काव। २. शक्तिशाली डाउनड्राफ्ट के कारण घने कैनोपी में भी दवा की गहरी पहुँच। ३. फसल गिरने (लॉजिंग) या नुकसान की कोई संभावना नहीं। ४. श्रम लागत में 65–80% तक की बचत। ५. पानी की खपत में 80–90% तक की कमी।
फसल की अवस्था – प्रमुख पोषक तत्व
१. अंकुरण / पौध अवस्था: नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, सल्फर, जिंक
२. कल्ला निकलने की अवस्था :नाइट्रोजन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, जिंक
३. लंबाई बढ़ने की अवस्था:⭐नाइट्रोजन, पोटैशियम, सल्फर, जिंक
४. तना मोटा होने / परिपक्वता प्रारंभ अवस्था: पोटैशियम, नाइट्रोजन, मैग्नीशियम, बोरॉन
५. पक्वता / पकने की अवस्था: ⭐पोटैशियम, मैग्नीशियम